आईवीएफ उपचार कब कराएं? -लखनऊ दंपतियों के लिए सम्पूर्ण गाइड

आईवीएफ उपचार कब कराएं? -लखनऊ दंपतियों के लिए सम्पूर्ण गाइड

IVF

प्रकाशन तिथि: जून 2026  |  समीक्षा: Urvara Fertility Centre, लखनऊ के वरिष्ठ प्रजनन विशेषज्ञ


भूमिका (Introduction)

शादी के बाद जब एक दंपति बच्चे की उम्मीद लगाए बैठता है और महीनों-सालों तक इंतजार के बाद भी खुशखबरी नहीं आती, तो यह दर्द बहुत गहरा होता है। लखनऊ और उत्तर प्रदेश के बहुत से दंपति आज इसी स्थिति में हैं। वे सोचते हैं — "क्या हमें डॉक्टर के पास जाना चाहिए? क्या अभी IVF जरूरी है? या थोड़ा और इंतजार करें?"

यह सवाल बेहद जरूरी है — क्योंकि IVF कराने का सही समय, सही उम्र, और सही स्थिति जानना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना खुद IVF का उपचार।

इस ब्लॉग में हम आपको बिल्कुल सरल हिंदी में बताएंगे:

  • IVF क्या होता है और यह कब जरूरी होता है
  • कौन से संकेत बताते हैं कि अब IVF का समय आ गया है
  • किस उम्र में IVF सबसे ज्यादा सफल होता है
  • लखनऊ के दंपतियों के लिए विशेष सलाह
  • IVF से पहले क्या करें और क्या न करें

अगर आप IVF को लेकर डरे हुए हैं या संशय में हैं, तो पहले यह जरूर पढ़ें: IVF को लेकर दंपतियों को सबसे ज्यादा किस बात का डर होता है और असलियत क्या है


विषय-सूची (Table of Contents)

  1. IVF क्या होता है? — एक सरल परिचय
  2. बांझपन (Infertility) क्या है और यह कब माना जाता है?
  3. IVF कब जरूरी होता है? — 8 प्रमुख संकेत
  4. उम्र और IVF — सही समय कौन सा है?
  5. महिलाओं के लिए IVF के संकेत
  6. पुरुषों के लिए IVF के संकेत
  7. IVF से पहले कौन से उपचार आजमाए जाते हैं?
  8. लखनऊ के दंपतियों के लिए विशेष बातें
  9. IVF का फैसला लेने से पहले क्या तैयारी करें?
  10. इंतजार क्यों नहीं करना चाहिए?
  11. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
  12. निष्कर्ष

1. IVF क्या होता है? — एक सरल परिचय

IVF का पूरा नाम है In Vitro Fertilisation — यानी शरीर के बाहर, एक विशेष प्रयोगशाला (Lab) में, महिला के अंडे और पुरुष के शुक्राणु को मिलाकर भ्रूण (Embryo) बनाना और फिर उसे महिला के गर्भाशय में स्थानांतरित (Transfer) करना।

सामान्य भाषा में कहें तो — जो काम प्रकृति शरीर के अंदर करती है, वह काम डॉक्टर और वैज्ञानिक एक विशेष लैब में करते हैं। इसीलिए इसे "टेस्ट ट्यूब बेबी" भी कहा जाता है।

IVF की इस पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया को विस्तार से समझने के लिए पढ़ें: IVF के पीछे का विज्ञान — टेस्ट ट्यूब बेबी कैसे जन्म लेते हैं?

IVF आज भारत में बांझपन के सबसे कारगर और भरोसेमंद उपचारों में से एक है। हर साल लाखों दंपति IVF के जरिए अपने माता-पिता बनने के सपने को पूरा करते हैं।


2. बांझपन (Infertility) क्या है और यह कब माना जाता है?

बहुत से दंपति यह नहीं जानते कि बांझपन की मेडिकल परिभाषा क्या है। जब तक उन्हें यह पता चलता है, तब तक काफी कीमती समय निकल चुका होता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार:

स्थिति परिभाषा
35 वर्ष से कम उम्र की महिला यदि बिना किसी गर्भनिरोधक (Contraception) के 1 साल तक नियमित संबंध बनाने के बाद भी गर्भधारण न हो
35 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिला यदि 6 महीने की कोशिश के बाद भी गर्भधारण न हो
40 वर्ष से अधिक उम्र की महिला तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए, बिना किसी इंतजार के

यह जानना जरूरी है कि बांझपन सिर्फ महिला की समस्या नहीं है। लगभग 40% मामलों में पुरुष कारण होते हैं, 40% महिला कारण होते हैं, और 20% मामलों में दोनों में समस्या होती है या कारण अस्पष्ट होता है।


3. IVF कब जरूरी होता है? — 8 प्रमुख संकेत

IVF हर दंपति के लिए पहला कदम नहीं होता। लेकिन कुछ ऐसी परिस्थितियाँ होती हैं जब IVF ही सबसे उचित और सबसे कारगर विकल्प बन जाता है। नीचे दिए 8 संकेत ध्यान से पढ़ें:

संकेत 1: फैलोपियन ट्यूब में रुकावट या क्षति (Blocked/Damaged Fallopian Tubes)

फैलोपियन ट्यूब वह रास्ता है जिससे अंडा अंडाशय (Ovary) से गर्भाशय (Uterus) तक पहुँचता है। यदि यह ट्यूब बंद हो, क्षतिग्रस्त हो, या निकाली जा चुकी हो, तो प्राकृतिक गर्भधारण लगभग असंभव हो जाता है। ऐसे में IVF एकमात्र विकल्प बचता है, क्योंकि इसमें ट्यूब की जरूरत ही नहीं होती।

संकेत 2: कम अंडा भंडार (Low Ovarian Reserve / Low AMH)

हर महिला के अंडाशय में जन्म से ही अंडों का एक भंडार होता है जो उम्र के साथ घटता रहता है। AMH (Anti-Müllerian Hormone) परीक्षण से यह पता चलता है कि आपके अंडाशय में कितने अंडे बचे हैं। यदि AMH स्तर बहुत कम है, तो समय बर्बाद किए बिना IVF की दिशा में आगे बढ़ना समझदारी है।

कम AMH और IVF की सफलता के बारे में विस्तार से पढ़ें: क्या IVF में उम्र सच में मायने रखती है?

संकेत 3: एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)

एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत के जैसा ऊतक (Tissue) गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है। यह अंडाशय, ट्यूब और भ्रूण के जुड़ने की क्षमता को नुकसान पहुँचाता है। गंभीर एंडोमेट्रियोसिस में IVF सबसे प्रभावी उपचार होता है।

संकेत 4: पुरुष में शुक्राणु की गंभीर समस्या (Severe Male Factor Infertility)

यदि शुक्राणु की संख्या बहुत कम हो, उनकी गतिशीलता (Motility) खराब हो, या शुक्राणु की बनावट (Morphology) सही न हो — और IUI (अंतर्गर्भाशयी गर्भाधान) जैसे सरल उपचार असफल हो चुके हों — तो IVF के साथ ICSI (Intracytoplasmic Sperm Injection) सबसे अच्छा विकल्प बनता है।

संकेत 5: बार-बार गर्भपात होना (Recurrent Miscarriage)

यदि आपके दो या दो से अधिक बार गर्भपात हो चुके हैं, तो इसके पीछे भ्रूण में गुणसूत्र संबंधी (Chromosomal) समस्या हो सकती है। IVF के साथ PGT (Preimplantation Genetic Testing) करके सिर्फ स्वस्थ भ्रूण को ही गर्भाशय में रखा जाता है, जिससे गर्भपात का खतरा काफी कम हो जाता है।

संकेत 6: PCOS के गंभीर मामले (Severe PCOS)

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) भारतीय महिलाओं में बहुत आम है। हल्के PCOS में दवाओं और जीवनशैली बदलाव से गर्भधारण हो सकता है, लेकिन यदि PCOS के साथ अन्य समस्याएं भी हों या अन्य उपचार विफल हो चुके हों, तो IVF सुझाया जाता है।

संकेत 7: अन्य उपचार विफल हो चुके हों (Failed Previous Treatments)

यदि आप पहले से ही दवाओं (Ovulation Induction), IUI, या अन्य उपचार करा चुके हैं और 3 से 6 साइकिल के बाद भी सफलता नहीं मिली, तो डॉक्टर आमतौर पर IVF की सलाह देते हैं। और इंतजार करना उचित नहीं होता, खासकर अगर उम्र 35 से अधिक हो।

संकेत 8: कारण अज्ञात हो (Unexplained Infertility)

कभी-कभी सभी जाँचें सामान्य आती हैं फिर भी गर्भधारण नहीं होता। इसे Unexplained Infertility कहते हैं। यदि इस स्थिति में सरल उपचार (IUI आदि) काम नहीं आए, तो IVF अगला और सबसे प्रभावी कदम होता है।


4. उम्र और IVF — सही समय कौन सा है?

IVF में उम्र सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है। महिला की उम्र जितनी कम होगी, अंडों की गुणवत्ता उतनी बेहतर होगी, और IVF की सफलता दर उतनी अधिक होगी।

उम्र IVF सफलता दर (अनुमानित) सलाह
35 वर्ष से कम 40% से 50% प्रति साइकिल IVF के लिए सबसे अनुकूल समय
35 से 37 वर्ष 35% से 40% जल्दी निर्णय लेना फायदेमंद
38 से 40 वर्ष 25% से 35% देरी न करें, तुरंत परामर्श लें
40 से 42 वर्ष 15% से 20% डोनर एग पर भी विचार हो सकता है
43 वर्ष और अधिक 5% से 10% डोनर एग IVF की सलाह दी जाती है

महत्वपूर्ण बात: उम्र बढ़ने के साथ अंडों की संख्या और गुणवत्ता दोनों घटती हैं। इसलिए यदि आप सोच रहे हैं "थोड़ा और इंतजार करते हैं" — तो जान लें कि हर महीने की देरी आपके विकल्पों को थोड़ा सीमित करती है।

IVF में उम्र का असर विस्तार से जानने के लिए पढ़ें: क्या IVF में उम्र सच में मायने रखती है?


5. महिलाओं के लिए IVF के संकेत

महिला के पक्ष से देखें तो IVF विशेष रूप से तब सुझाया जाता है जब:

  • फैलोपियन ट्यूब बंद या क्षतिग्रस्त हो — यह भारत में महिला बांझपन का सबसे सामान्य कारण है। अक्सर पुराने इन्फेक्शन, TB, या पेट की सर्जरी के कारण ट्यूब में रुकावट आ जाती है।
  • अंडाशय ठीक से अंडे न बनाएं (Ovulation Disorders) — PCOS या अन्य हार्मोनल समस्याओं के कारण यदि ओव्यूलेशन नहीं हो रहा।
  • गर्भाशय में फाइब्रॉइड या पॉलीप्स हों — जो भ्रूण के जुड़ने में बाधा डालते हों।
  • समय से पहले ओवेरियन फेलियर (Premature Ovarian Failure) — 40 वर्ष से पहले अंडाशय का काम करना बंद करना।
  • एंडोमेट्रियोसिस के गंभीर मामले
  • कैंसर उपचार से पहले प्रजनन क्षमता सुरक्षित करना — कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी से पहले अंडे या भ्रूण फ्रीज करना।

6. पुरुषों के लिए IVF के संकेत

भारत में अक्सर यह गलत धारणा होती है कि बांझपन सिर्फ महिला की समस्या है। लेकिन यह सच नहीं है। पुरुष बांझपन उतना ही सामान्य है। IVF (ICSI के साथ) तब जरूरी होता है जब:

  • शुक्राणु की संख्या बहुत कम हो (Severe Oligospermia) — प्रति मिलीलीटर 5 मिलियन से कम शुक्राणु।
  • शुक्राणु की गति बहुत धीमी हो (Asthenospermia)
  • शुक्राणु की बनावट खराब हो (Teratospermia)
  • वीर्य में शुक्राणु बिल्कुल न हों (Azoospermia) — इस स्थिति में सर्जरी से वृषण (Testis) से सीधे शुक्राणु निकाले जाते हैं।
  • शुक्राणु के DNA में क्षति (High DNA Fragmentation)
  • IUI के 3 से 6 असफल प्रयासों के बाद

पुरुष बांझपन के मामलों में IVF के साथ ICSI तकनीक का इस्तेमाल होता है, जिसमें एक स्वस्थ शुक्राणु को सीधे अंडे के अंदर इंजेक्ट किया जाता है। यह तकनीक पुरुष बांझपन के सबसे जटिल मामलों में भी सफलता की उम्मीद देती है।


7. IVF से पहले कौन से उपचार आजमाए जाते हैं?

IVF अक्सर पहला कदम नहीं होता। डॉक्टर आमतौर पर पहले सरल और कम खर्चीले विकल्प आजमाते हैं। यह क्रम कुछ ऐसा होता है:

चरण 1: जीवनशैली सुधार और दवाएं

वजन नियंत्रण, थायराइड और शुगर का इलाज, ओव्यूलेशन को नियमित करने की दवाएं जैसे Clomiphene या Letrozole।

चरण 2: IUI (Intrauterine Insemination)

इसमें पुरुष के शुक्राणुओं को विशेष प्रक्रिया से तैयार करके सीधे महिला के गर्भाशय में डाला जाता है। यह अपेक्षाकृत सरल और कम खर्चीला है। यदि कारण हल्का हो तो IUI से 3 से 6 चक्रों में सफलता मिल सकती है।

चरण 3: IVF

जब उपरोक्त उपचार काम न करें, या स्थिति शुरू से ही गंभीर हो, तब IVF सुझाया जाता है।

ध्यान दें: कुछ मामलों में डॉक्टर सीधे IVF की सलाह देते हैं — जैसे दोनों ट्यूब बंद हों, गंभीर पुरुष बांझपन हो, या उम्र अधिक हो। ऐसे में IUI पर समय और पैसा बर्बाद करना उचित नहीं।

IVF शुरू करने से पहले आपको क्या-क्या जानना जरूरी है, यह पढ़ें: IVF शुरू करने से पहले वो सब कुछ जो आपको जानना चाहिए — मरीजों के लिए सम्पूर्ण गाइड


8. लखनऊ के दंपतियों के लिए विशेष बातें

लखनऊ और आसपास के जिलों — जैसे कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी — से बहुत से दंपति इलाज के लिए आते हैं। हमने देखा है कि इन दंपतियों में कुछ आम बातें होती हैं:

1. देर से डॉक्टर के पास आना

ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बहुत से दंपति 3 से 5 साल तक इंतजार करते हैं, घरेलू उपाय आजमाते हैं, या पहले झाड़-फूंक और नीम-हकीम के पास जाते हैं। इससे बहुमूल्य समय और अंडों की गुणवत्ता — दोनों नष्ट होते हैं।

2. सिर्फ महिला को जिम्मेदार मानना

लखनऊ और उत्तर प्रदेश में अक्सर सामाजिक दबाव की वजह से सिर्फ महिला की जाँच होती है और पुरुष खुद को जाँचाने से इनकार करते हैं। यह एक बड़ी गलती है। बांझपन की सही जाँच में पति-पत्नी दोनों की जाँच अनिवार्य है।

3. IVF को लेकर अफवाहें और डर

कई दंपति सोचते हैं कि IVF बच्चे "असली" नहीं होते, या IVF बहुत दर्दनाक होता है, या IVF से बच्चे में कोई कमी आ जाती है। ये सभी अफवाहें और भ्रांतियां हैं। IVF से जन्मे बच्चे बिल्कुल सामान्य और स्वस्थ होते हैं।

IVF को लेकर सभी डर और भ्रांतियां दूर करने के लिए जरूर पढ़ें: IVF को लेकर दंपतियों को सबसे ज्यादा किस बात का डर होता है और असलियत क्या है

4. खर्च की चिंता

लखनऊ में कई दंपति यह सोचकर IVF टालते रहते हैं कि यह बहुत महंगा होगा। वास्तव में, पिछले कुछ वर्षों में IVF की लागत भारत में काफी सुलभ हुई है। इसके अलावा, जितनी देर होती है, उतने अधिक साइकिल लगते हैं — जो अंततः अधिक खर्चीले होते हैं। समय पर इलाज शुरू करना आर्थिक दृष्टि से भी समझदारी है।

5. सही क्लिनिक का चुनाव

IVF की सफलता में लैब की गुणवत्ता और अनुभवी टीम का बहुत बड़ा योगदान होता है। लखनऊ में IVF केंद्र चुनते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि सफलता दर, लैब मानक और डॉक्टर का अनुभव जरूर देखें।

एक अच्छी IVF लैब क्यों जरूरी है, यह जानें: IVF लैब का इलाज की सफलता में क्या महत्व है?


9. IVF का फैसला लेने से पहले क्या तैयारी करें?

एक बार जब आप और आपके डॉक्टर ने IVF का निर्णय ले लिया, तो इससे पहले कुछ महत्वपूर्ण तैयारियां करनी चाहिए:

शारीरिक तैयारी

  • अपना वजन नियंत्रित करें — मोटापा और बहुत कम वजन दोनों IVF सफलता को प्रभावित करते हैं
  • धूम्रपान और शराब पूरी तरह बंद करें — दोनों पति-पत्नी के लिए
  • फोलिक एसिड की गोलियां शुरू करें (डॉक्टर की सलाह से)
  • थायराइड, शुगर, और ब्लड प्रेशर यदि हो तो नियंत्रण में रखें
  • संतुलित आहार लें — हरी सब्जियां, दालें, अनाज, फल

मानसिक तैयारी

  • IVF एक यात्रा है, एक कदम नहीं — धैर्य सबसे जरूरी है
  • पहले ही साइकिल में सफलता न मिले तो निराश न हों
  • परिवार या किसी करीबी का सहारा लें, अकेले मत झेलें
  • यदि जरूरत हो तो काउंसलर से बात करें

जरूरी जाँचें (Tests Before IVF)

  • महिला: AMH, AFC (Antral Follicle Count), FSH, LH, Estradiol, TSH, Prolactin, Pelvic Ultrasound
  • पुरुष: Semen Analysis, DNA Fragmentation Test (यदि जरूरी हो)
  • दोनों: Blood Group, CBC, Hepatitis B & C, HIV, VDRL

IVF के हर प्रोटोकॉल और दवाओं के बारे में समझने के लिए पढ़ें: IVF के विभिन्न प्रोटोकॉल — भारत के दंपतियों के लिए सम्पूर्ण गाइड


10. इंतजार क्यों नहीं करना चाहिए?

बहुत से दंपति यह सोचते हैं — "एक साल और देखते हैं," "पहले वजन कम करते हैं," "अगले साल कोशिश करेंगे।" यह सोच समझ में आती है, लेकिन प्रजनन चिकित्सा (Reproductive Medicine) के नजरिए से यह नुकसानदेह हो सकती है।

यहाँ कुछ ठोस कारण हैं कि क्यों सही समय पर सही कदम उठाना जरूरी है:

  • अंडों की गुणवत्ता: हर साल के साथ अंडों की गुणवत्ता और संख्या दोनों घटती हैं। 35 वर्ष के बाद यह गिरावट तेज हो जाती है।
  • बीमारियां बढ़ सकती हैं: Endometriosis, Fibroids जैसी बीमारियां समय के साथ बिगड़ सकती हैं।
  • अधिक साइकिल: देर से शुरू करने पर अधिक IVF साइकिल की जरूरत पड़ सकती है।
  • भावनात्मक थकान: वर्षों का इंतजार और बार-बार की निराशा मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है।
  • जटिलताएं: बढ़ती उम्र के साथ गर्भावस्था में जटिलताओं का खतरा भी बढ़ता है।

इसलिए — अगर आपको संदेह है, तो एक बार विशेषज्ञ से मिलें। एक परामर्श आपको स्थिति की सटीक जानकारी देगा और आप सही निर्णय ले पाएंगे।


11. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या IVF पहली बार में ही सफल हो जाता है?

हमेशा नहीं। IVF की सफलता दर उम्र और अन्य कारकों पर निर्भर करती है। 35 वर्ष से कम उम्र में एक साइकिल में सफलता की संभावना 40 से 50 प्रतिशत तक हो सकती है। कुछ दंपतियों को 2 से 3 साइकिल लग सकते हैं। निराश न हों — हर साइकिल कुछ सिखाती है।

प्रश्न 2: IVF में कितना समय लगता है?

एक IVF साइकिल आमतौर पर 2 से 6 सप्ताह की होती है। इसमें जाँचें, दवाएं, अंडा निकालना, भ्रूण बनाना और ट्रांसफर शामिल हैं। प्रेगनेंसी टेस्ट ट्रांसफर के 10 से 14 दिन बाद होता है।

प्रश्न 3: क्या IVF दर्दनाक होता है?

IVF की प्रक्रिया में हल्का दर्द या असुविधा हो सकती है, लेकिन यह असहनीय नहीं होती। अंडा निकालने की प्रक्रिया (Egg Retrieval) हल्की बेहोशी (Sedation) में होती है जिससे दर्द महसूस नहीं होता। इंजेक्शन वाले स्थान पर हल्की जलन या सूजन हो सकती है जो सामान्य है।

प्रश्न 4: क्या 40 साल के बाद IVF हो सकता है?

हाँ, हो सकता है। 40 से 42 वर्ष की उम्र में अपने अंडों से IVF की सफलता दर 15 से 20 प्रतिशत होती है। 43 वर्ष के बाद डोनर अंडों (Donor Eggs) से IVF की सफलता दर बेहतर होती है। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार सबसे सही विकल्प बताएंगे।

प्रश्न 5: क्या IVF से जुड़वाँ बच्चे होते हैं?

पहले जब एक से अधिक भ्रूण एक साथ डाले जाते थे, तो जुड़वाँ की संभावना अधिक होती थी। अब ज्यादातर डॉक्टर Single Embryo Transfer (SET) की सलाह देते हैं जिससे जुड़वाँ की संभावना काफी कम हो गई है।

प्रश्न 6: क्या IVF के बाद गर्भावस्था में कोई जोखिम होता है?

IVF से होने वाली गर्भावस्था सामान्य गर्भावस्था की तरह ही होती है। हालांकि, यदि उम्र अधिक हो या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हों, तो डॉक्टर गर्भावस्था के दौरान विशेष निगरानी रखते हैं।

प्रश्न 7: लखनऊ में IVF कहाँ कराएं?

लखनऊ में Urvara Fertility Centre एक विशेषज्ञ प्रजनन केंद्र है जहाँ अनुभवी डॉक्टर, उन्नत IVF लैब, और व्यक्तिगत देखभाल उपलब्ध है। पहले परामर्श में ही आपकी पूरी जाँच और उपचार योजना तैयार की जाती है।


12. निष्कर्ष

बच्चे की चाहत हर दंपति के दिल की सबसे गहरी इच्छा होती है। यदि यह सपना देरी से पूरा हो रहा है, तो यह आपकी गलती नहीं है — और इसका समाधान भी है।

IVF आज एक सुरक्षित, वैज्ञानिक और सफल उपचार है। जरूरत है तो सिर्फ — सही समय पर सही कदम उठाने की।

अगर आप या आपके परिचित लखनऊ में हैं और संतान की इच्छा रखते हैं लेकिन समस्या आ रही है — तो आज ही Urvara Fertility Centre में परामर्श लें। हमारे विशेषज्ञ डॉक्टर आपकी पूरी स्थिति समझकर आपको सही रास्ता दिखाएंगे।

याद रखें: सही समय पर एक छोटा सा कदम — आपके जीवन का सबसे बड़ा बदलाव ला सकता है।

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चिकित्सा अस्वीकरण (Medical Disclaimer)

यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान (Diagnosis) या उपचार का विकल्प नहीं है। हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है। कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी योग्य और अनुभवी प्रजनन विशेषज्ञ (Fertility Specialist) से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।


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Content Created By:

Urvara Fertility Centre Editorial Team

Urvara Fertility Centre Editorial Team

Fertility Health Content Specialists

Medically Reviewed By:

Dr. Richa Singh

Dr. Richa Singh

IVF & Infertility Specialist

Founder, Urvara Fertility Centre

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