क्या IVF के बाद नॉर्मल प्रेग्नेंसी हो सकती है? पूरी सच्चाई जानें
IVF से पहला बच्चा होने के बाद, ज़्यादातर कपल्स यह मान लेते हैं कि दूसरी प्रेग्नेंसी के लिए भी फिर से IVF ही करवाना पड़ेगा। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ऐसा हमेशा सच नहीं होता।
क्या IVF के बाद नॉर्मल प्रेग्नेंसी हो सकती है? इसका जवाब है — हाँ, कई महिलाओं के लिए यह मुमकिन है, और यह उतना रेयर भी नहीं है जितना लोग सोचते हैं। मेडिकल रिसर्च में इसे "स्पॉन्टेनियस प्रेग्नेंसी आफ्टर IVF" कहा जाता है, यानी बिना किसी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के नेचुरली कंसीव करना, वो भी IVF से पहला बच्चा होने के बाद।
लखनऊ और आसपास के कई कपल्स यह सवाल लेकर हमारे पास आते हैं — खासकर वो जिन्हें पहले "अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी" (बिना किसी साफ कारण के इनफर्टिलिटी) का डायग्नोसिस मिला था।
इस लेख में हम रिसर्च के मुताबिक सही आँकड़े, किन महिलाओं में यह चांस ज़्यादा होता है, इसके पीछे की वजहें, और क्या दूसरी प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए प्रीकॉशन लेनी चाहिए — यह सब समझेंगे।
यह गाइड किसके लिए है?
यह आर्टिकल खास तौर पर लखनऊ और आसपास के शहरों — जैसे कानपुर, बाराबंकी, सीतापुर, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई और अयोध्या — में रहने वाले कपल्स को ध्यान में रखकर लिखा गया है, क्योंकि इन इलाकों में फर्टिलिटी से जुड़ी सही और भरोसेमंद जानकारी अक्सर आसानी से उपलब्ध नहीं होती। हालांकि, यह जानकारी किसी भी शहर या राज्य में रहने वाले पाठक के लिए उतनी ही उपयोगी है — मेडिकल फैक्ट्स और सलाह लोकेशन के हिसाब से नहीं बदलते।
क्या IVF के बाद नॉर्मल प्रेग्नेंसी हो सकती है? रिसर्च क्या कहती है
यह सिर्फ एक इक्का-दुक्का "मिरेकल स्टोरी" नहीं है। कई बड़ी स्टडीज़ में इसके ठोस आँकड़े सामने आए हैं।
एक सिस्टेमेटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस के अनुसार, IVF से लाइवबर्थ होने के बाद स्पॉन्टेनियस (नेचुरल) प्रेग्नेंसी होने की दर लगभग 19% पाई गई। यानी हर 5 में से लगभग 1 महिला अगले कुछ सालों में बिना किसी ट्रीटमेंट के फिर से प्रेग्नेंट हो सकती है।
एक और स्टडी में, IVF/ICSI से सक्सेसफुल प्रेग्नेंसी के बाद स्पॉन्टेनियस कंसेप्शन की दर 20.7% पाई गई। फ्रांस की एक रिसर्च संस्था INSERM की स्टडी में तो यह भी पाया गया कि जिन कपल्स को IVF से सक्सेस नहीं मिली थी, उनमें से भी 24% को बाद में स्पॉन्टेनियस प्रेग्नेंसी हुई।
तो अगर आप पूछ रहे हैं कि क्या IVF के बाद नॉर्मल प्रेग्नेंसी हो सकती है, तो जवाब सिर्फ "हाँ" नहीं है — यह एक जाना-पहचाना, रिसर्च-बेस्ड मेडिकल फैक्ट है।
किन महिलाओं में यह चांस ज़्यादा होता है?
हर महिला के लिए यह चांस एक जैसा नहीं होता। रिसर्च बताती है कि यह मुख्य रूप से इनफर्टिलिटी के ओरिजिनल कारण पर निर्भर करता है।
सबसे ज़्यादा चांस किनमें होता है
-
अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी — जिन महिलाओं को पहले बिना किसी साफ कारण के इनफर्टिलिटी थी, उनमें स्पॉन्टेनियस प्रेग्नेंसी का चांस सबसे ज़्यादा पाया गया
-
एंडोमेट्रियोसिस — इस कारण से इनफर्टिलिटी वाली महिलाओं में भी नेचुरल कंसेप्शन का चांस अपेक्षाकृत ज़्यादा रहा
-
कम उम्र — 34 साल या उससे कम उम्र की महिलाओं में स्पॉन्टेनियस कंसेप्शन की दर ज़्यादा पाई गई
-
कम समय की इनफर्टिलिटी — जिन कपल्स को शुरू में कम समय तक इनफर्टिलिटी रही, उनमें भी चांस बेहतर रहा
जिनमें चांस कम होता है
-
ट्यूबल फैक्टर — जिन महिलाओं की फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक थी, उनमें स्पॉन्टेनियस कंसेप्शन का चांस काफी कम पाया गया
-
सीवियर मेल फैक्टर (जहाँ ICSI ज़रूरी थी) — जिन कपल्स में पार्टनर का स्पर्म फैक्टर इतना सीवियर था कि ICSI की ज़रूरत पड़ी, उनमें बाद में नेचुरल कंसेप्शन बहुत कम देखा गया
कारण के हिसाब से चांस की तुलना
|
इनफर्टिलिटी का ओरिजिनल कारण |
नेचुरल प्रेग्नेंसी का चांस |
|
अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी |
ज़्यादा |
|
एंडोमेट्रियोसिस |
अपेक्षाकृत ज़्यादा |
|
ट्यूबल फैक्टर |
कम |
|
सीवियर मेल फैक्टर (ICSI केस) |
बहुत कम |
आखिर ऐसा क्यों होता है? पीछे की वजहें
1. "अनएक्सप्लेन्ड" का मतलब है — कारण पता नहीं, ठीक नहीं
जब किसी कपल को "अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी" बताई जाती है, तो इसका मतलब यह नहीं कि प्रेग्नेंसी कभी नेचुरली हो ही नहीं सकती। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि टेस्ट्स में कोई साफ कारण नहीं मिला। कई बार शरीर में कोई छोटी सी वजह होती है जो समय के साथ खुद ठीक हो जाती है, या सिर्फ ज़्यादा समय लगता है।
2. IVF के बाद शरीर में बदलाव
कुछ रिसर्च यह भी बताती है कि IVF में इस्तेमाल होने वाली कंट्रोल्ड ओवेरियन स्टिमुलेशन प्रोसेस के बाद ओवरीज़ और यूटेराइन एनवायरनमेंट में कुछ पॉज़िटिव बदलाव आ सकते हैं। हालांकि यह एरिया अभी भी रिसर्च के दायरे में है, और इसे एक पक्का साइंटिफिक कारण मानने के लिए अभी और स्टडीज़ की ज़रूरत है।
3. एक बच्चा होने के बाद शरीर पर कम स्ट्रेस
कई डॉक्टर्स मानते हैं कि पहला बच्चा होने के बाद शरीर का ओवरऑल स्ट्रेस लेवल और हार्मोनल बैलेंस बेहतर हो सकता है, जिससे ओव्युलेशन ज़्यादा रेगुलर हो सकता है। हालांकि यह हर महिला में एक जैसा नहीं होता।
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इस विषय पर रिसर्च अभी भी बढ़ रही है, और हर महिला का शरीर अलग तरह से रिस्पॉन्ड करता है। किसी एक स्टडी के नतीजे को हर केस पर लागू नहीं किया जा सकता।
क्या दूसरी प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए प्रीकॉशन ज़रूरी है?
यह एक ऐसा पहलू है जिसे ज़्यादातर कपल्स इग्नोर कर देते हैं। एक UK-बेस्ड क्वालिटेटिव स्टडी में पाया गया कि IVF के बाद स्पॉन्टेनियस प्रेग्नेंसी वाली ज़्यादातर महिलाओं को कभी कॉन्ट्रासेप्शन (गर्भनिरोधक) के बारे में कोई काउंसलिंग नहीं मिली थी। स्टडी में शामिल ज़्यादातर महिलाओं ने डिलीवरी के बाद कोई कॉन्ट्रासेप्शन इस्तेमाल ही नहीं किया, यह सोचकर कि नेचुरली प्रेग्नेंट होना उनके लिए मुमकिन ही नहीं।
अगर आप अभी दूसरा बच्चा प्लान नहीं कर रहे, तो यह ज़रूरी है कि:
-
डिलीवरी के बाद डॉक्टर से कॉन्ट्रासेप्शन के ऑप्शन्स के बारे में बात करें
-
यह न मान लें कि पहले इनफर्टिलिटी थी तो अब भी नेचुरली कंसीव नहीं हो सकता
-
अगर सरप्राइज़ प्रेग्नेंसी नहीं चाहते, तो सही प्लानिंग करें
अगर दोबारा IVF की ज़रूरत पड़े तो?
अगर पहला बच्चा IVF से हुआ है और अब दूसरी प्रेग्नेंसी नेचुरली नहीं हो रही, तो घबराने की बात नहीं। दोबारा IVF या IUI जैसे ट्रीटमेंट्स फिर से एक भरोसेमंद ऑप्शन होते हैं। कुछ स्टडीज़ में यह भी पाया गया कि अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी वाले कपल्स में IVF को शुरुआत से ही चुनना, बार-बार IUI ट्राई करने से ज़्यादा असरदार और कम खर्चीला साबित हो सकता है।
हर कपल की सिचुएशन अलग होती है, इसलिए यह डिसीज़न हमेशा फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से सलाह लेकर ही लेना चाहिए।
मुख्य बातें (Key Takeaways)
-
क्या IVF के बाद नॉर्मल प्रेग्नेंसी हो सकती है — इसका जवाब हाँ है, और रिसर्च के मुताबिक लगभग 19–21% महिलाओं में यह होता है।
-
अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी और एंडोमेट्रियोसिस वाली महिलाओं में यह चांस ज़्यादा पाया गया है।
-
ट्यूबल फैक्टर या सीवियर मेल फैक्टर (ICSI केस) वाले कपल्स में यह चांस काफी कम होता है।
-
IVF के बाद अगर दूसरा बच्चा अभी नहीं चाहिए, तो कॉन्ट्रासेप्शन के बारे में डॉक्टर से ज़रूर बात करें।
-
अगर नेचुरली कंसीव नहीं हो रहा, तो दोबारा IVF या IUI एक भरोसेमंद विकल्प है।
-
हर केस अलग होता है — सही जानकारी और गाइडेंस के लिए फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से सलाह लेना सबसे ज़रूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या IVF के बाद नॉर्मल प्रेग्नेंसी हो सकती है? हाँ, कई महिलाओं में यह मुमकिन है। रिसर्च के मुताबिक IVF से लाइवबर्थ के बाद लगभग 19–21% महिलाएँ बिना किसी ट्रीटमेंट के फिर से नेचुरली प्रेग्नेंट हो जाती हैं, खासकर अगर ओरिजिनल कारण अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी हो।
2. किन महिलाओं में यह चांस सबसे ज़्यादा होता है? जिन महिलाओं को पहले अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी या एंडोमेट्रियोसिस थी, उनमें यह चांस सबसे ज़्यादा पाया गया है। कम उम्र और कम समय की इनफर्टिलिटी भी इस चांस को बेहतर बनाती है।
3. किन महिलाओं में यह चांस कम होता है? ट्यूबल फैक्टर (ब्लॉक्ड फैलोपियन ट्यूब) वाली महिलाओं में, और जिन कपल्स में सीवियर मेल फैक्टर की वजह से ICSI ज़रूरी थी, उनमें स्पॉन्टेनियस प्रेग्नेंसी का चांस काफी कम होता है।
4. क्या IVF के बाद कॉन्ट्रासेप्शन की ज़रूरत होती है? हाँ, अगर आप अभी दूसरा बच्चा नहीं चाहते। कई महिलाओं को यह गलतफहमी होती है कि उन्हें दोबारा नेचुरली प्रेग्नेंसी हो ही नहीं सकती, जिससे वे कॉन्ट्रासेप्शन इस्तेमाल नहीं करतीं और सरप्राइज़ प्रेग्नेंसी हो जाती है।
5. IVF के बाद बॉडी में ऐसा क्या बदलता है कि नेचुरल प्रेग्नेंसी होने लगती है? इसके पीछे की सही वजह अभी भी रिसर्च का विषय है। कुछ डॉक्टर्स मानते हैं कि IVF की स्टिमुलेशन प्रोसेस या पहला बच्चा होने के बाद हार्मोनल बैलेंस में सुधार इसकी वजह हो सकता है, लेकिन यह हर महिला में एक जैसा नहीं होता।
6. अगर पहला बच्चा ICSI से हुआ हो, तो क्या दूसरी प्रेग्नेंसी नेचुरली हो सकती है? इसका चांस काफी कम होता है, क्योंकि ICSI आमतौर पर सीवियर मेल फैक्टर केसेज़ में इस्तेमाल होता है, और यह अंडरलाइंग समस्या अपने आप ठीक नहीं होती। ऐसे कपल्स को अक्सर दोबारा ट्रीटमेंट की ज़रूरत पड़ती है।
7. अगर दूसरी बार नेचुरली प्रेग्नेंट नहीं हो पा रहे, तो क्या करें? कुछ समय कोशिश करने के बाद भी सफलता न मिले, तो फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलें। दोबारा IVF या IUI जैसे ट्रीटमेंट्स एक भरोसेमंद विकल्प हैं, और आपकी ओरिजिनल कंडीशन के हिसाब से सही राह सुझाई जा सकती है।
8. क्या अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी का मतलब है कि प्रॉब्लम कभी थी ही नहीं? नहीं, इसका मतलब है कि मौजूदा टेस्ट्स से कारण पता नहीं चल पाया। इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं कि कोई प्रॉब्लम नहीं थी, बस उसे मौजूदा मेडिकल जाँच से पहचाना नहीं जा सका।
9. क्या यह हर देश और हर क्लिनिक में एक जैसा पाया गया है? आँकड़े स्टडी के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं (जैसे 17% से 24% के बीच), लेकिन ओवरऑल ट्रेंड — कि स्पॉन्टेनियस प्रेग्नेंसी असामान्य नहीं है — कई अलग-अलग देशों की स्टडीज़ में एक जैसा पाया गया है।
10. क्या इस विषय पर और रिसर्च की ज़रूरत है? हाँ, खासकर यह समझने के लिए कि किन बायोलॉजिकल वजहों से यह होता है, और किन महिलाओं के लिए यह ज़्यादा लागू होता है। मौजूदा रिसर्च ट्रेंड बताती है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए पक्की भविष्यवाणी नहीं कर सकती।
आखिरी बात
क्या IVF के बाद नॉर्मल प्रेग्नेंसी हो सकती है — इस सवाल का जवाब उतना सीधा नहीं जितना लगता है, लेकिन रिसर्च साफ बताती है कि यह असामान्य बात नहीं है, खासकर अनएक्सप्लेन्ड इनफर्टिलिटी या एंडोमेट्रियोसिस जैसे मामलों में।
अगर आपने IVF से पहला बच्चा पाया है और अब दूसरी प्रेग्नेंसी को लेकर कोई सवाल है — चाहे वो प्लानिंग का हो या प्रीकॉशन का — अपनी सिचुएशन के हिसाब से सही सलाह के लिए फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से बात करना सबसे सही कदम है।
यह लेख सिर्फ जनरल जानकारी के लिए है और किसी भी तरह से प्रोफेशनल मेडिकल एडवाइस का रिप्लेसमेंट नहीं है। अपनी स्पेसिफिक सिचुएशन के लिए Urvara Fertility Centre के क्वालिफाइड फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से ज़रूर संपर्क करें।
संदर्भ (References)
-
How common is spontaneous pregnancy after IVF livebirth? Systematic review and meta-analysis. Human Reproduction, Oxford Academic. academic.oup.com
-
Spontaneous conception after a successful attempt at in vitro fertilization/intracytoplasmic sperm injection. Fertility and Sterility. fertstert.org
-
Contraception after in vitro fertilisation (IVF): qualitative study of views of women who have had spontaneous pregnancies after successful IVF. PMC/NCBI. ncbi.nlm.nih.gov
-
Comparative analysis of pregnancy rate via IVF vs. previous artificial insemination in patients with unexplained infertility. PMC/NCBI. ncbi.nlm.nih.gov
-
Mayo Clinic — In Vitro Fertilization (IVF) overview. mayoclinic.org
Tags
Content Created By:

Urvara Fertility Centre Editorial Team
Fertility Health Content Specialists
Medically Reviewed By:

Dr. Richa Singh
IVF & Infertility Specialist
Founder, Urvara Fertility Centre


